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समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर का सख्त रुख : राजस्व प्रकरणों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, 5 साल पुराने मामलों को प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश

जनहित के मामलों में देरी नहीं चलेगी, समय-सीमा में समाधान सुनिश्चित करें... कलेक्टर संतन देवी जांगड़े

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एमसीबी/12 मई 2026/ कलेक्ट्रेट कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा की महत्वपूर्ण बैठक में कलेक्टर संतन देवी जांगड़े ने जिले के सभी विभागों के लंबित प्रकरणों, जनहितकारी योजनाओं एवं विकास कार्यों की गहन समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शासन की योजनाओं और जनसमस्याओं के निराकरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा प्रत्येक प्रकरण का समय-सीमा में समाधान सुनिश्चित किया जाए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्रीमती अंकिता सोम, अपर कलेक्टर श्रीमती नम्रता डोंगरे, अनिल कुमार सिदार, चिरमिरी नगर निगम आयुक्त राम प्रसाद आचला, समस्त एसडीएम, जनपद सीईओ, तहसीलदार एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान कलेक्टर ने राजस्व विभाग के कार्यों पर विशेष गंभीरता दिखाते हुए कहा कि आविवादित नामांतरण एवं बंटवारा के प्रकरण किसी भी स्थिति में लंबित नहीं रहने चाहिए तथा 15 जून से पूर्व समस्त प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि विवादित मामलों में समय अधिक लग सकता है, लेकिन नियमित सुनवाई और सतत कार्रवाई अनिवार्य रूप से जारी रहनी चाहिए। वहीं तहसील मनेंद्रगढ़, भरतपुर, नागपुर एवं कुंवारपुर के प्रकरणों की समीक्षा करते हुए सीमांकन के 52 लंबित मामलों तथा फौती नामांतरण के सभी प्रकरणों का निराकरण 15 जून से पहले पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने चेतावनी देते हुए कहा कि समय-सीमा से बाहर लंबित प्रकरणों को गंभीरता से लेते हुए प्राथमिकता के आधार पर निराकृत किया जाए। इसके साथ ही राजस्व शिविरों की समीक्षा के दौरान भरतपुर तहसील में 7 प्रकरण समय-सीमा के बाहर तथा 3 समय-सीमा के भीतर लंबित पाए गए। खड़गवां में 4, कोटाडोल में 6 तथा कुंवारपुर में 12 प्रकरण लंबित मिले, जिनमें 8 समय-सीमा से बाहर हैं। इन मामलों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। वहीं डायवर्सन प्रकरणों की समीक्षा में मनेंद्रगढ़, भरतपुर, केल्हारी एवं चिरमिरी तहसीलों में लंबित मामलों पर असंतोष जताते हुए कलेक्टर ने कहा कि जनता से जुड़े मामलों में अनावश्यक विलंब बिल्कुल स्वीकार नहीं किया जाएगा। विवादित खाता विभाजन के मामलों में केल्हारी में 16 तथा चिरमिरी में 3 प्रकरण लंबित पाए गए। वहीं त्रुटि सुधार के कुल 59 प्रकरणों की समीक्षा करते हुए भरतपुर में 20 तथा केल्हारी में 7 लंबित मामलों को जल्द निराकृत करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि भरतपुर, चिरमिरी, केल्हारी, नागपुर एवं मनेंद्रगढ़ तहसीलों में समय-सीमा से बाहर लंबित प्रकरणों को अभियान चलाकर निराकृत किया जाए। समीक्षा में केल्हारी में 3, नागपुर में 1 तथा चिरमिरी में 1 प्रकरण समय-सीमा से बाहर पाया गया। इसके साथ ही न्यायालयीन मामलों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि कोर्ट केसों की सुनवाई में तेजी लाई जाए तथा 5 वर्ष से अधिक पुराने मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ निपटाया जाए। उन्होंने सभी विभागों को निर्देशित किया कि आगामी तीन माह बाद बजटवार एवं शीर्षवार विस्तृत समीक्षा की जाएगी, इसलिए सभी विभाग अपना संपूर्ण एवं अद्यतन डाटा तैयार रखें। बैठक में नक्शा आबंटन, जिला पंचायत, व्यक्तिगत शौचालय, पीएम आवास, वन अधिकार पत्र, पीएम किसान सम्मान निधि सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। स्कूल शिक्षा विभाग के 95 स्कूलों में अपार आईडी निर्माण हेतु विशेष शिविर लगाने के निर्देश दिए गए। वहीं वन अधिकार पत्र वितरण की समीक्षा के दौरान जनपदवार हितग्राहियों को शीघ्र लाभान्वित करने के निर्देश दिए गए। कृषि विभाग की समीक्षा में मृदा परीक्षण के लक्ष्य 4300 के विरुद्ध 4238 परीक्षण पूर्ण होने पर संतोष व्यक्त किया गया। साथ ही दलहन, तिलहन एवं धान फसलों के लिए अलग-अलग कार्ययोजना तैयार करने तथा किसानों तक योजनाओं का प्रभावी लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही खाद एवं बीज की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने डीएपी, सुपर फास्फेट सहित अन्य उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने को कहा, ताकि बड़े, छोटे एवं सीमांत किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। वहीं समाज कल्याण विभाग के 26 हजार 246 हितग्राहियों में 1108 लंबित प्रकरण पाए जाने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। बैठक में श्रम विभाग, समितिवार योजनाएं, आयुष्मान

भारतयोजना, जननी सुरक्षा योजना एवं टीकाकरण अभियान की भी विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर ने 14 वर्ष से अधिक एवं 15 वर्ष से कम आयु के बच्चियों के टीकाकरण अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए। आईसीडीएस विभाग अंतर्गत महतारी वंदन योजना एवं भरतपुर एनआरसी के 603 प्रकरणों की समीक्षा की गई। बिहान, सुशासन तिहार एवं पीएमएवाई-यू की प्रगति की जानकारी लेते हुए योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया गया। वहीं पीएमजीएसवाई अंतर्गत सड़क निर्माण कार्यों तथा धान उठाव की स्थिति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने संबंधित विभागों को कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। वहीं खनिज एवं वन विभाग की समीक्षा में वन विभाग की प्रगति लगभग 88 प्रतिशत पाए जाने पर संतोष व्यक्त किया गया। बैठक में तेंदूपत्ता संग्रहण, पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, मनरेगा भुगतान, नामांतरण, बंटवारा, फौती, त्रुटि सुधार, पीएम जनमन योजना, सिकल सेल एवं टीबी मुक्त पंचायत अभियान, मौसमी बीमारियों की रोकथाम एवं प्रबंधन, जल जीवन मिशन, अंत्यव्यवसायी योजनाएं तथा राशन कार्ड प्रकरणों की भी विस्तार से समीक्षा की गई। कलेक्टर ने पीएम सूर्य घर योजना के तहत हितग्राहीवार जानकारी तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए जिले के प्रत्येक शासकीय कार्यालय में वॉटर हार्वेस्टिंग संरचना निर्माण कर उसकी फोटोग्राफ जमा कराने के निर्देश भी दिए गए। वहीं सुशासन तिहार पोर्टल की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि सुशासन तिहार अंतर्गत प्राप्त आवेदनों का तत्काल एवं संवेदनशीलता के साथ निराकरण किया जाए। उन्होंने आरटीआई ऑनबोर्डिंग, जनमांगों के प्राथमिकता आधारित समाधान तथा आम जनता से जुड़े प्रकरणों में जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक के अंत में कलेक्टर संतन देवी जांगड़े ने सभी विभागीय अधिकारियों को समन्वय, पारदर्शिता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ समय-सीमा के भीतर अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना ही प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है।

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