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कलेक्टर की सख्ती: किसानों की शिकायत मिली तो सीधे होगी कार्रवाई

धान उठाव में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त, कलेक्टर ने अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश खाद-बीज की कालाबाजारी रोकने और एग्रीस्टैक अपडेट पूर्ण करने के निर्देश

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एमसीबी/27 मई 2026/ कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आज कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी सुश्री संतन देवी जांगड़े ने कृषि विभाग, खाद्य विभाग, विपणन विभाग एवं सहकारिता बैंक की संयुक्त समीक्षा बैठक लेकर अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि किसानों से जुड़ी योजनाओं और व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक में अपर कलेक्टर अनिल कुमार सिदार, सभी एसडीएम, संबंधित विभागों के जिला अधिकारी एवं सभी आरईएओ उपस्थित रहे।

बैठक में एग्रीस्टैक आईडी सैचुरेशन, धान खरीदी उपार्जन केंद्रों में धान उठाव, खाद एवं बीज वितरण तथा जिले में पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता की विस्तारपूर्वक समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम किसान तक पहुंचना चाहिए और इसमें किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी।
तीनों विकासखंड भरतपुर, खड़गवां और मनेंद्रगढ़ के आरईएओ की प्रगति रिपोर्ट की गहन समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने लंबित मामलों को अगली समीक्षा बैठक से पहले पूर्ण करने के निर्देश दिए। भरतपुर विकासखंड को एग्रीस्टैक आईडी सैचुरेशन के लिए 12 हजार 598 का लक्ष्य प्राप्त हुआ था, जिसमें 9 हजार 089 कार्य पूर्ण हो चुके हैं जबकि 3 हजार 509 प्रकरण लंबित हैं। मनेंद्रगढ़ विकासखंड में 9 हजार 268 के लक्ष्य के विरुद्ध 7 हजार 142 प्रकरणों में प्रगति हुई है तथा 2 हजार 126 प्रकरण लंबित हैं। वहीं खड़गवां विकासखंड को 07 हजार 656 का लक्ष्य मिला था, जिसमें 4 हजार 965 प्रकरणों में कार्य पूर्ण हुआ है जबकि 2 हजार 691 प्रकरण अभी लंबित हैं। कलेक्टर ने सभी आरईएओ को गांव स्तर पर सक्रियता बढ़ाकर लंबित कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण करने के निर्देश दिए।


कलेक्टर ने एसडीएम एवं तहसीलदारों को निर्देशित किया कि पटवारियों के साथ समन्वय स्थापित कर लंबित प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने वन अधिकार पट्टा धारकों, संयुक्त खाताधारक किसानों एवं मृत किसानों के मामलों में विशेष गंभीरता बरतने को कहा। जिन किसानों की मृत्यु हो चुकी है, उनके मृत्यु प्रमाण पत्र तत्काल अपलोड करने तथा लंबित दस्तावेजों को शीघ्र अद्यतन कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही सीएससी सेंटर संचालकों के सहयोग से किसानों के आधार एवं मोबाइल नंबर अपडेट कराने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि यदि किसानों का एग्रीस्टैक अपडेट नहीं होगा, तो भविष्य में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की राशि प्रभावित हो सकती है। उन्होंने सभी आरईएओ को गांव-गांव जाकर किसानों को जागरूक करने तथा पटवारियों के सहयोग से समय-सीमा में कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए। जिन किसानों के बैंक खाते लिंक नहीं हैं, उनके मामलों में प्रशासनिक स्तर पर समन्वय कर समाधान निकालने को कहा गया।
खाद एवं बीज वितरण की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने समितियों में पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों को समय पर गुणवत्तायुक्त खाद और बीज उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। जिन समितियों में पीओएस मशीन उपलब्ध नहीं है, वहां तत्काल मशीन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पीओएस मशीन के बिना खाद वितरण नहीं किया जाएगा। साथ ही समितियों की रिटेल आईडी शीघ्र जारी करने तथा लाइसेंस संबंधी जानकारी अद्यतन रखने को कहा गया।
बैठक के दौरान कलेक्टर ने खाद-बीज की कालाबाजारी को लेकर सख्त नाराजगी जाहिर की। उन्होंने आरईएओ अधिकारियों को निर्देश दिए कि यदि कोई दुकानदार किसानों को दो गुना या तीन गुना कीमत पर खाद बेचता पाया गया अथवा शिकायत प्राप्त हुई, तो तत्काल खाद जप्त कर संबंधित दुकान को सील किया जाए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसानों के हितों के साथ खिलवाड़ करने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी और किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।
धान खरीदी उपार्जन केंद्रों में धान उठाव की समीक्षा बैठक का प्रमुख केंद्र रही। कलेक्टर ने जिले के 25 धान खरीदी केंद्रों की स्थिति की जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि जिन समितियों में धान उठाव की गति धीमी है, वहां तत्काल तेजी लाई जाए। उन्होंने कहा कि खरीदे गए धान का समय पर उठाव सुनिश्चित किया जाए ताकि समितियों में भंडारण की समस्या उत्पन्न न हो और किसानों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। कलेक्टर ने चेतावनी देते हुए कहा कि धान उठाव में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय कर कार्रवाई की जाएगी।
इसके साथ ही जिले में पेट्रोल एवं डीजल की उपलब्धता की भी विस्तृत समीक्षा की गई। खाद्य विभाग से प्राप्त जानकारी के आधार पर कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले में ईंधन की आपूर्ति सुचारू रूप से बनी रहे तथा किसी भी क्षेत्र में कृत्रिम संकट उत्पन्न न होने पाए। उन्होंने पेट्रोल पंपों की नियमित निगरानी करने और किसानों सहित आम नागरिकों को निर्बाध रूप से ईंधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि खेती-किसानी के कार्यों के दौरान पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है, इसलिए किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

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