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चिकित्सकों की दक्षता ने बचाई 67 वर्षीय महिला ब 22 वर्षीय युवक की जान, भाई की सलाह पर महिला को गंभीर हालत में मनेंद्रगढ़ लाए थे परिजन

दो वर्षों से असहनीय पीड़ा झेल रही महिला का सफल ऑपरेशन, 2 जून को होगी डिस्चार्ज

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मनेंद्रगढ़, 31 मई 2026।220 बिस्तरीय सिविल अस्पताल मनेंद्रगढ़ में चिकित्सकों की दक्षता, बेहतर प्रबंधन और सेवा भावना का एक और प्रेरणादायक उदाहरण सामने आया है। दो वर्षों से गंभीर बीमारी से जूझ रही 67 वर्षीय समुनदीया, निवासी तेंदूपारा (पेंड्रा-बिलासपुर क्षेत्र), का सफल ऑपरेशन कर चिकित्सकों ने उन्हें नई जिंदगी दी है। अब उनकी स्थिति पूरी तरह स्थिर है और चिकित्सकों ने उन्हें 2 जून को अस्पताल से छुट्टी देने की तैयारी कर ली है।

महिला के रिश्तेदार संतोष कुमार बैगा ने बताया कि समुनदीया पिछले दो वर्षों से एनल स्टेनोसिस नामक गंभीर बीमारी से पीड़ित थीं। कई स्थानों पर उपचार कराने के बावजूद उन्हें राहत नहीं मिली और बीमारी लगातार बढ़ती चली गई। अंततः परिजनों ने उन्हें मनेंद्रगढ़ के 220 बिस्तरीय सिविल अस्पताल में भर्ती कराया, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने सफलतापूर्वक सर्जरी कर उनकी पीड़ा समाप्त कर दी।

संतोष बैगा ने भावुक होकर कहा कि अस्पताल में उन्हें केवल इलाज ही नहीं मिला, बल्कि डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने परिवार के सदस्य की तरह देखभाल की। उन्होंने बताया कि उनके भाई लल्लू का भी बवासीर का सफल उपचार इसी अस्पताल में हुआ था। उसी के सकारात्मक अनुभव और सलाह पर वे समुनदीया को यहां लेकर आए थे। अब पूरा परिवार अस्पताल की सेवाओं से संतुष्ट है।

अपेंडिक्स का इन्फेक्शन पेट में फैलने से पहले समय पर ऑपरेशन कर बचाई गई युवक की जान

शनिवार को ही एक अन्य गंभीर मामले में 22 वर्षीय विकास, निवासी लालपुर, को अपेंडिक्स परफोरेशन की स्थिति में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों ने समय रहते ऑपरेशन कर उसकी जान बचाई। विशेषज्ञों के अनुसार थोड़ी और देरी होने पर संक्रमण जानलेवा साबित हो सकता था।

 

एक दिन में हुईं 9 सफल सर्जरी

शनिवार को अस्पताल में विभिन्न विभागों में कुल 9 सफल सर्जरियां संपन्न की गईं। इनमें स्त्री एवं प्रसूति रोग, अस्थि रोग, सामान्य शल्य चिकित्सा तथा ईएनटी विभाग की जटिल सर्जरियां शामिल रहीं।

 

सफल सर्जरी कराने वाले मरीजों में

रागिनी सिंह (एलएससीएस), इंद्रजीत सेन (ह्यूमरस इम्प्लांट रिमूवल), विकास (अपेंडिकुलर परफोरेशन), समनदीया बैगा (स्फिंक्टरोटॉमी), नव्या जैन (ग्रेन्युलोमा रिमूवल), जोगेश्वर (पिन्ना सिरोमा विंडो सर्जरी), भूपेंद्र (सबमेंटल लिम्फ नोड एक्सीजन), अंशु कोल (सबमेंटल आई एंड डी) तथा प्रभावती (पोस्ट ऑरिकुलर सिस्ट एक्सीजन) शामिल रहे।

पूरी चिकित्सा टीम के समर्पण से मिली सफलता

इन सभी ऑपरेशनों की सफलता के पीछे विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं ऑपरेशन थिएटर स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सामान्य शल्य चिकित्सा विभाग के डॉ. राजीव गुप्ता, अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रकाश जायसवाल, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. एल. पी. मराबी एवं डॉ. फिरोज शेख, स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. रश्मि, तथा ईएनटी सर्जन डॉ. अलेख सिदार ने अपने-अपने क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

वहीं ऑपरेशन थिएटर के सुचारू संचालन में पुष्पा पटेल (ओटी इंचार्ज), प्रियंका साहू, मुकेश शर्मा, आकांक्षा जायसवाल और संजय द्विवेदी ने भी अहम भूमिका निभाई। टीमवर्क, विशेषज्ञता और मरीजों के प्रति समर्पण का ही परिणाम रहा कि सभी सर्जरियां सफलतापूर्वक संपन्न हुईं।

 

स्वास्थ्य मंत्री ने की चिकित्सकों की सराहना

इसी दिन अस्पताल में अटल आरोग्य लैब के शुभारंभ कार्यक्रम में पहुंचे प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल को जब जानकारी मिली कि अस्पताल में एक ही दिन में नौ जटिल सर्जरियां सफलतापूर्वक की गई हैं और बेहद गंभीर दो मरीज अब खतरे से बाहर हैं, तो उन्होंने डॉ राजीव गुप्ता एवं उनकी टीम की पहले सार्वजनिक रूप से प्रशंसा की और बाद में बुलाकर अलग से मुलाकात कर बधाई दी।

स्वास्थ्य मंत्री ने विशेष रूप से सर्जिकल टीम की कार्यशैली, सेवा भावना और मरीजों के प्रति समर्पण की सराहना करते हुए बधाई दी। उन्होंने कहा कि मनेंद्रगढ़ का 220 बिस्तरीय सिविल अस्पताल लगातार बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देकर क्षेत्र के लोगों का भरोसा जीत रहा है।

अस्पताल की इस सफलता के पीछे मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे, अस्पताल अधीक्षक डॉ. स्वप्निल तिवारी, विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं नर्सिंग स्टाफ का समन्वित प्रयास और कुशल प्रबंधन महत्वपूर्ण रहा।

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