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खेत बचाओ अभियान के तहत जिला स्तरीय कृषक सम्मेलन आयोजित, जैविक खेती को बढ़ावा देने का आह्वान

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खड़गवां, एमसीबी। कृषिविकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग, एमसीबी द्वारा “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत जैविक खेती मिशन योजनांतर्गत जिला स्तरीय कृषक सम्मेलन का आयोजन खड़गवां में किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल शामिल हुए।

कार्यक्रमका शुभारंभ मुख्य अतिथि द्वारा छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इसके पश्चात किसानों को जैविक खेती, प्राकृतिक कृषि एवं आधुनिक कृषि तकनीकों के संबंध में जानकारी प्रदान की गई।

 

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकास के नए आयाम स्थापित हुए हैं, लेकिन इसके साथ पर्यावरण एवं स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां भी बढ़ी हैं। उन्होंने कहा कि बेमौसम पैदा होने वाली सब्जियां कई बार स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो रही हैं और हम अनजाने में विभिन्न बीमारियों को आमंत्रित कर रहे हैं। यही कारण है कि आज जैविक खेती और जैविक खाद को बढ़ावा देना समय की मांग बन गई है।

मंत्री ने कहा कि किसानों को रासायनिक खादों के उपयोग को कम कर जैविक एवं प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ना चाहिए। उन्होंने नैनो डीएपी के उपयोग की जानकारी देते हुए बताया कि इसकी एक बोतल लगभग 80 डिसमिल भूमि में प्रभावी होती है। उन्होंने किसानों से सन (सनई) की खेती अपनाने और जैविक खेती को बढ़ावा देने का आह्वान किया।

कार्यक्रममें जिले भर से आए किसानों के लिए भोजन की व्यवस्था भी की गई। इस अवसर पर मंत्री श्री जायसवाल ने कृषि महाविद्यालय का उल्लेख करते हुए किसानों को उससे मिलने वाले लाभों की जानकारी दी।

 

कार्यक्रम में श्रीमती सुनील असमेद सोनवानी (सभापति, कृषि स्थायी समिति), रामप्रताप गुप्ता (अध्यक्ष, भाजपा किसान मोर्चा), वीरेंद्र सिंह राणा (अध्यक्ष, नगर पंचायत लेदरी), आशीष मजूमदार, प्रवीण यादव, जमुना प्रसाद पांडे, अरुणोदय पांडे, जैन पैकरा (सहायक संचालक कृषि, मनेंद्रगढ़), नीरज कुमार जायसवाल (वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, खड़गवां), सुजीत कुमार राय, शुभम कुमार ठाकुर (सहायक प्राध्यापक, उद्यानिकी महाविद्यालय चिरमिरी), प्रफुल्ल सिंह (प्रबंधक, आदिम जाति सहकारी समिति खड़गवां), प्रदीप पांडेय (प्रबंधक सहकारी समिति कोढ़ा), राजेश जायसवाल (प्रबंधक, सहकारी समिति रतनपुर), श्रीमती राधा (प्रबंधक, सहकारी समिति बरदर) तथा भूपेंद्र सिंह (प्रबंधक, सहकारी समिति सिंहघाट) सहित कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एवं जिले के लगभग 300 से अधिक किसान उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान “तुहर लाईका, तुहर दुआरी, तुहर कमी श्याम बिहारी” का संदेश भी प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया।

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