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मनेंद्रगढ़ अस्पताल में मातृत्व सुरक्षा की नई मिसाल, पहली तिमाही में 1000 से अधिक गर्भवती महिलाओं की हुई निशुल्क सोनोग्राफी

पहले निजी लैब में 1500 रुपये तक खर्च करने को थीं मजबूर महिलाएं, अब 220 बिस्तरीय सिविल अस्पताल मनेंद्रगढ़ में मिल रही मुफ्त सोनोग्राफी और बेहतर उपचार। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की सोच को अस्पताल प्रबंधन दे रहा प्रभावी रूप।

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एमसीबी/मनेंद्रगढ़।मनेंद्रगढ़ के 220 बिस्तरीय सिविल अस्पताल में गर्भवती महिलाओं को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल हुई है। अस्पताल में वर्ष 2026 की पहली तिमाही अप्रैल, मई और जून में 1000 से अधिक गर्भवती महिलाओं की निशुल्क सोनोग्राफी की गई है। अस्पताल प्रबंधन द्वारा जारी आंकड़ों ने यह साबित कर दिया है कि सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं अब आम जनता के लिए भरोसे का केंद्र बन रही हैं।

 

कुछ समय पहले तक मनेंद्रगढ़ विधानसभा क्षेत्र की अधिकांश गर्भवती महिलाओं को सोनोग्राफी कराने के लिए निजी डायग्नोस्टिक सेंटरों का सहारा लेना पड़ता था, जहां एक सोनोग्राफी के लिए लगभग 1500 रुपये तक खर्च करना पड़ता था। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह अतिरिक्त बोझ था। अब यही सुविधा सरकारी अस्पताल में पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध होने से महिलाओं को बड़ी राहत मिली है।

 

 

स्वास्थ्य मंत्री की सोच का दिख रहा असर

प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री एवं स्थानीय विधायक श्याम बिहारी जायसवाल की मंशा रही है कि विधानसभा क्षेत्र के लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उनके अपने क्षेत्र में ही उपलब्ध हों। इसी सोच के अनुरूप मनेंद्रगढ़ के 220 बिस्तरीय सिविल अस्पताल में लगातार स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है।

 

अस्पताल में आधुनिक जांच सुविधाओं, विशेषज्ञ चिकित्सकों और बेहतर प्रबंधन के कारण अब मरीजों का विश्वास सरकारी अस्पतालों की ओर बढ़ रहा है। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को विशेष प्राथमिकता देते हुए गर्भवती महिलाओं का नियमित चिन्हांकन, समय-समय पर जांच और आवश्यक उपचार सुनिश्चित किया जा रहा है।

 

समय पर जांच से सुरक्षित मातृत्व

चिकित्सकों के अनुसार गर्भावस्था की पहली तिमाही में सोनोग्राफी अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। इससे गर्भस्थ शिशु के विकास, गर्भ की स्थिति और संभावित जटिलताओं का समय रहते पता लगाया जा सकता है। यही कारण है कि अस्पताल प्रबंधन गर्भवती महिलाओं का प्रारंभिक पंजीयन कर उनकी नियमित जांच सुनिश्चित कर रहा है, जिससे सुरक्षित मातृत्व अभियान को नई मजबूती मिली है।

 

बेहतर प्रबंधन से मिली सफलता

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे के मार्गदर्शन तथा अस्पताल अधीक्षक डॉ. स्वप्निल तिवारी के कुशल प्रबंधन के कारण यह उपलब्धि संभव हो सकी है। अस्पताल में जांच, उपचार और परामर्श की समुचित व्यवस्था के साथ गर्भवती महिलाओं को समय पर सभी आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

अस्पताल अधीक्षक डॉ. स्वप्निल तिवारी ने बताया कि पहली तिमाही में 1000 से अधिक गर्भवती महिलाओं की निशुल्क सोनोग्राफी की जा चुकी है। आने वाले समय में भी प्रत्येक पात्र गर्भवती महिला तक यह सुविधा पहुंचाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।

 

सरकारी अस्पतालों पर बढ़ा भरोसा

निशुल्क जांच, विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता और बेहतर चिकित्सा प्रबंधन के चलते अब मनेंद्रगढ़ सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं का भरोसा सरकारी अस्पतालों पर लगातार बढ़ रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं में हुए इस बदलाव ने न केवल आर्थिक राहत दी है, बल्कि सुरक्षित मातृत्व और स्वस्थ शिशु जन्म की दिशा में भी महत्वपूर्ण परिणाम सामने लाए हैं।

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